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आसनसोल मंडल में बड़ा बदलाव: उपासना, कुंभ, हिमगिरि और विभूति एक्सप्रेस के बदले गए नंबर, अप्रैल 2026 से नई व्यवस्था लागू
- Reporter 12
- 16 Apr, 2026
रेलवे ने यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव करते हुए आसनसोल मंडल से गुजरने वाली उपासना, कुंभ, हिमगिरि और विभूति एक्सप्रेस के ट्रेन नंबर बदल दिए हैं। अप्रैल 2026 से लागू इस नई व्यवस्था में ट्रेनों की श्रेणी और नंबरिंग सिस्टम में भी संशोधन किया गया है।
आसनसोल/आलम की खबर:रेलवे ने एक बार फिर अपने संचालन सिस्टम में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए आसनसोल मंडल से गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनों के नंबर बदल दिए हैं। इस बदलाव का असर खासकर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो उपासना एक्सप्रेस, कुंभ एक्सप्रेस, हिमगिरि एक्सप्रेस और विभूति एक्सप्रेस जैसी प्रमुख लंबी दूरी की ट्रेनों से नियमित यात्रा करते हैं। रेलवे प्रशासन ने इस नई व्यवस्था को अप्रैल 2026 से चरणबद्ध तरीके से लागू करना शुरू कर दिया है। कुछ ट्रेनों पर यह बदलाव 15 अप्रैल से ही प्रभावी हो चुका है, जबकि अन्य ट्रेनों पर यह क्रम धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय किसी भी यात्री सुविधा को बाधित करने के लिए नहीं लिया गया है, बल्कि इसका उद्देश्य पूरे ट्रेनों के संचालन सिस्टम को अधिक व्यवस्थित, डिजिटल और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। भारतीय रेलवे लगातार अपने नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है, और इसी कड़ी में यह नंबरिंग सिस्टम भी अपडेट किया गया है ताकि भविष्य में डेटा मैनेजमेंट, ट्रेन ट्रैकिंग और रिजर्वेशन सिस्टम को अधिक सुगम बनाया जा सके।
क्यों बदले गए ट्रेन नंबर? रेलवे ने बताई असली वजह
रेलवे प्रशासन का कहना है कि लंबे समय से कई ट्रेनों के नंबरिंग सिस्टम में एकरूपता की कमी महसूस की जा रही थी। कुछ ट्रेनें सुपरफास्ट श्रेणी में थीं, लेकिन उनके संचालन पैटर्न और औसत गति के हिसाब से उन्हें मेल/एक्सप्रेस श्रेणी में रखना ज्यादा उचित माना गया। इसी तकनीकी पुनर्गठन के तहत ट्रेनों की श्रेणी और नंबर दोनों में बदलाव किया गया है।
इसके अलावा डिजिटल सिस्टम जैसे कि IRCTC बुकिंग, ट्रेन ट्रैकिंग ऐप्स और रिजर्वेशन डेटाबेस को बेहतर ढंग से सिंक्रोनाइज करने के लिए भी यह कदम जरूरी बताया गया है। रेलवे का मानना है कि नई नंबरिंग से भविष्य में किसी तरह की डुप्लिकेशन, तकनीकी गड़बड़ी या डेटा कंफ्यूजन की संभावना काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
हालांकि सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस बदलाव का असर ट्रेनों के समय, रूट या ठहराव पर बिल्कुल भी नहीं पड़ेगा। यात्री पहले की तरह ही अपने तय समय पर यात्रा कर सकेंगे। केवल ट्रेन नंबर और श्रेणी में बदलाव किया गया है।
किन ट्रेनों के बदले गए नंबर, यहां देखें पूरी सूची
रेलवे द्वारा जारी नई सूची के अनुसार प्रमुख ट्रेनों के पुराने और नए नंबर इस प्रकार हैं—
उपासना एक्सप्रेस:
पहले यह ट्रेन 12327 और 12328 नंबर से चलती थी, जिसे अब बदलकर 13035 और 13036 कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुकी है।
कुंभ एक्सप्रेस:
इस ट्रेन का पुराना नंबर 12369 और 12370 था, जिसे अब बदलकर 13037 और 13038 कर दिया गया है। यह बदलाव भी तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
हिमगिरि एक्सप्रेस:
पहले यह ट्रेन 12331 और 12332 नंबर से संचालित होती थी, लेकिन अब इसे 13041 और 13042 नए नंबरों से पहचाना जाएगा।
विभूति एक्सप्रेस:
इस ट्रेन का पुराना नंबर 12333 और 12334 था, जिसे बदलकर अब 13047 और 13048 कर दिया गया है।
इन सभी ट्रेनों की पहचान अब नए नंबर सिस्टम के तहत की जाएगी, जिससे रेलवे के संचालन में एकरूपता लाई जा सके।
मेल एक्सप्रेस श्रेणी में शामिल हुईं ट्रेनें
इस बदलाव के साथ ही एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि इन ट्रेनों की श्रेणी को सुपरफास्ट से बदलकर मेल एक्सप्रेस कर दिया गया है। रेलवे के अनुसार यह बदलाव ट्रेनों की औसत गति और संचालन पैटर्न के आधार पर किया गया है।
हालांकि यात्रियों के बीच इस बदलाव को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोगों का मानना है कि सुपरफास्ट श्रेणी हटने से किराए और सुविधाओं पर असर पड़ सकता है, जबकि रेलवे ने स्पष्ट किया है कि किराया संरचना और सुविधाओं में किसी तरह की बड़ी कटौती नहीं की जाएगी।
यात्रियों के लिए रेलवे की सलाह
आसनसोल मंडल के पीआरओ ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपने ट्रेन नंबर की जांच अवश्य कर लें। नए नंबरों के आधार पर ही टिकट बुकिंग करें और यात्रा की योजना बनाएं ताकि किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
रेलवे ने यह भी बताया है कि IRCTC और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को जल्द ही पूरी तरह अपडेट कर दिया जाएगा, जिससे यात्रियों को पुराने और नए नंबर के बीच किसी प्रकार का भ्रम न हो।
स्टेशन पर भी सूचना बोर्ड और डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम को अपडेट किया जा रहा है ताकि यात्रियों को सही जानकारी समय पर मिल सके।
बदलाव का असर और भविष्य की दिशा
रेलवे का यह कदम भले ही शुरुआती दौर में यात्रियों के लिए थोड़ा भ्रम पैदा कर सकता है, लेकिन दीर्घकाल में यह सिस्टम को अधिक मजबूत और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने में मदद करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बदलाव भविष्य में रेलवे संचालन को पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमेटेड बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
आसनसोल मंडल जैसे व्यस्त रूट पर इस तरह के सुधारों का असर आने वाले समय में ट्रेनों की ट्रैकिंग, समय पालन और बुकिंग सिस्टम में साफ तौर पर देखा जा सकेगा।
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